मिला था सपनों में एक फरिश्ता समझ ना आया उससे क्या है रिश्ता, मिला था सपनों में एक फरिश्ता समझ ना आया उससे क्या है रिश्ता,
ज़िन्दगी के हर मोड़ पर जब हम कुछ खो रहे होते हैं, तब साथ ही कुछ पा भी रहे होते हैं। इश्क़ भी इस से अछूत... ज़िन्दगी के हर मोड़ पर जब हम कुछ खो रहे होते हैं, तब साथ ही कुछ पा भी रहे होते हैं...
फूल जैसा जन्म लेकर भारत बनकर आया था फूल जैसी माँ को पाकर एक धरती माँ को पाया था। फूल जैसा जन्म लेकर भारत बनकर आया था फूल जैसी माँ को पाकर एक धरती माँ...
कोई कोई कर भी लेता है अपनो के लिए। कोई कोई कर भी लेता है अपनो के लिए।
वो दर्द ना ही कभी बयां कर पाते हैं, ना ही किसी से कहे पाते हैं। वो दर्द ना ही कभी बयां कर पाते हैं, ना ही किसी से कहे पाते हैं।
इन सब का क्या नतीजा मिलेगा ज़रा एक बार सोच जरूर लीजिएगा। इन सब का क्या नतीजा मिलेगा ज़रा एक बार सोच जरूर लीजिएगा।